इस लेख में हम लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा, इसके कारण, लक्षण और प्रभावी घरेलू उपचारों के बारे में अच्छे से जानेंगे। वर्तमान समय में लो ब्लड प्रेशर या हाइपोटेंशन एक आम समस्या बनती जा रही है। आयुर्वेद के अनुसार यह समस्या तब बढ़ती है जब शरीर में वात दोष बढ़ जाता है और रक्त प्रवाह कमजोर हो जाता है। आयुर्वेद कई प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, औषधियों और दिनचर्या के माध्यम से लो बीपी को संतुलित करने में मदद करता है।
लो ब्लड प्रेशर क्या है?
जब किसी व्यक्ति का सिस्टोलिक प्रेशर 90 mmHg और डायस्टोलिक प्रेशर 60 mmHg से कम हो जाता है, तो उसे लो ब्लड प्रेशर माना जाता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त का सही प्रवाह नहीं हो पाता, जिससे चक्कर, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। इस लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा के बारे में बताया गया है।
लो ब्लड प्रेशर के मुख्य कारण (Causes of Low BP)
- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का होना I
- अत्यधिक उपवास या पोषण की कमी।
- अचानक तनाव या मानसिक दबाव का होना।
- रक्त की कमी (एनीमिया) होना I
- हार्मोनल असंतुलन होना।
- लंबे समय तक खाली पेट रहना।
- कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट होना।
- थायरॉइड या हार्ट से जुड़ी समस्याएँ।
आयुर्वेद में लो बीपी को वात असंतुलन, रक्तक्षीणता (एनिमिया) और ओज की कमी से जोड़ा जाता है।
लो ब्लड प्रेशर के लक्षण (Symptoms)
- बार-बार चक्कर का आना
- सिर का घूमना
- अचानक शरीर से पसीना आना
- आंखों के आगे अंधेरा छाना
- अत्यधिक थकान लगना
- कमजोरी और सुस्ती का होना
- दिल की धड़कन का बढ़ना
- भूख कम लगना
- बेहोशी जैसी स्थिति होना
लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा (Ayurvedic Medicines for Low BP)
आयुर्वेद में लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा और जड़ी-बूटियाँ कई हैं जो रक्तचाप को प्राकृतिक रूप से संतुलित करने में मदद कर सकती हैं। नीचे कुछ प्रमुख विकल्प दिए हैं:
1. मुलेठी (Liquorice / Mulethi)
मुलेठी लो बीपी में सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है।
फायदे:
- रक्तचाप बढ़ाने में मदद
- चक्कर आना कम करता है
- तनाव कम करता है
कैसे लें:
आधे चम्मच मुलेठी पाउडर को गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में 1 बार।

2. नागकेसर (Nagkesar)
नागकेसर रक्त को संतुलित करता है और शरीर में ताकत बढ़ाता है।
कैसे लें:
नागकेसर + शहद का मिश्रण दिन में एक बार लें।
3. दालचीनी (Cinnamon)
दालचीनी रक्त प्रवाह को प्राकृतिक रूप से सुधारती है और बीपी संतुलित रखती है। यह आयुर्वेद में लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा सबसे अच्छी है।
कैसे लें:
चुटकीभर दालचीनी पाउडर गर्म पानी में मिलाकर।
4. ब्राह्मी (Brahmi)
ब्राह्मी मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करती है।
फायदे:
- तनाव को कम करता है
- रक्त प्रवाह बेहतर बनाता है
- कमजोरी में राहत देता है
5. त्रिफला चूर्ण (Triphala)
त्रिफला चूर्ण पेट की समस्याओं को ठीक करता है, जिनकी वजह से अक्सर BP असंतुलित होता है।
कैसे लें:
रात में 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ।
6. अश्वगंधा (Ashwagandha)
अश्वगंधा एक शक्तिशाली एडेप्टोजेन है, जो तनाव को कम करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
फायदे:
- यह कमजोरी और थकान को दूर करता है
- यह शरीर को ऊर्जा देता है
- यह हाइपोटेंशन में लाभकारी
कैसे लें:
1 चम्मच अश्वगंधा चूर्ण दूध के साथ सोने से पहले।

7. शिलाजीत (Shilajit)
- ऊर्जा, स्टैमिना और रक्त संचरण बढ़ाता है।
- यह लो BP वाले लोगों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।
लो ब्लड प्रेशर के लिए घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे :
आयुर्वेद केवल दवाइयों पर निर्भर नहीं, बल्कि दिनचर्या और आहार पर भी जोर देता है। और लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा भी बताता।
1. नमक वाला पानी
- लो BP में नमक की मात्रा थोड़ी बढ़ाना तुरंत राहत देता है।
- एक गिलास पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर पीएं।
2. तुलसी + शहद
- 10 तुलसी के पत्ते + 1 चम्मच शहद का सेवन सुबह करें।

3. किशमिश (Raisins)
- किशमिश एड्रेनल ग्लैंड को मजबूत बनाती है।
- 10–15 किशमिश रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं।
4. नींबू पानी
- लो बीपी में एनर्जी Boost करता है और शरीर को हाइड्रेटेड रखता है।
5. कॉफी
- कॉफी अस्थाई रूप से BP बढ़ाने में मदद करती है।
- दिन में 1 कप कॉफी पर्याप्त है।
आयुर्वेदिक जीवनशैली (Dincharya) और Diet Tips लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा :
आयुर्वेद में लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा के रूप में अपने जीवनशैली (Dinacharya) और Diet प्लान करने से इसे सही किया जा सकता है।
- सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिएं
- भोजन में नमक की उचित मात्रा रखें
- अधिक समय भूखे न रहें
- दिन में 2–3 बार फल (केला, सेब, अनार) शामिल करें
- बादाम, मूंगफली और मेवा ऊर्जा देते हैं
- तले-भुने से बचें और सुपाच्य भोजन लें
- योग में प्राणायाम (अनुलोम-विलोम, कपालभाति) करें
- रात देर तक जागने से बचें
लो ब्लड प्रेशर में क्या न करें?
- अचानक उठना-बैठना
- लंबे समय तक खाली पेट रहना
- अत्यधिक कैफीन
- अधिक ठंडा पानी
- भारी व्यायाम
निष्कर्ष (Conclusion) :
लो ब्लड प्रेशर की आयुर्वेदिक दवा प्राकृतिक तरीके से शरीर को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अश्वगंधा, मुलेठी, नागकेसर, शिलाजीत जैसी जड़ी-बूटियाँ बेहद उपयोगी मानी जाती हैं। सही आहार, दिनचर्या और घरेलू नुस्खों का पालन करके लो बीपी को लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है।
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