सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा से पाएं तुरंत राहत! जानिए तुलसी, अदरक, गिलोय, मुलेठी और हल्दी जैसे घरेलू नुस्खों से कैसे करें सर्दी-खांसी का इलाज। 100% सुरक्षित और असरदार उपाय। सर्दी-जुकाम एक सामान्य तो है लेकिन यह परेशान करने वाली समस्या है। यह मौसम बदलने, ठंडी चीजें खाने या शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति कम होने से होती है। आधुनिक दवाएँ तात्कालिक राहत देती हैं, लेकिन बार-बार जुकाम लौट आता है।
आयुर्वेद में सर्दी-जुकाम का इलाज शरीर के दोष (कफ, वात, पित्त) को संतुलित करके किया जाता है, जिससे यह जड़ से ठीक हो जाता है।
सर्दी-जुकाम के मुख्य कारण
- ठंडी हवा या मौसम का अचानक परिवर्तन होना
- ठंडा पानी, आइसक्रीम, या कोल्ड-ड्रिंक का सेवन करना
- देर रात तक जागना या नींद की कमी का होना
- नमी या धूल भरे वातावरण में रहना
- कमजोर इम्यून सिस्टम का होना
- गले, नाक या कान में संक्रमण होना

सर्दी-जुकाम के लक्षण
- नाक बहना या बंद होना
- छींकें आना
- गले में खराश
- खांसी और कफ
- सिर दर्द और थकान
- शरीर में दर्द
- हल्का बुखार
- अगर ये लक्षण 3-4 दिन से अधिक बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी है।
आयुर्वेद के अनुसार सर्दी-जुकाम का उपचार
आयुर्वेद के अनुसार सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा में “कफ दोष” के बढ़ने को सर्दी-जुकाम का मूल कारण बताया गया है। इसलिए इलाज का उद्देश्य कफ को संतुलित करना और शरीर की ओज शक्ति (इम्यूनिटी) को बढ़ाना होता है।
सर्दी-जुकाम की 10 प्रभावी आयुर्वेदिक दवाएँ और नुस्खे:
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा की 10 प्रभावी आयुर्वेदिक दवाएँ और नुस्खे है जो आप सभी लोगों को राहत देंगी।
1. आयुर्वेदिक काढ़ा (Ayurvedic Kadha)
आप बाजार में उपलब्ध Ayush Kadha, Dabur Giloy Tulsi Kadha, या घर का बना काढ़ा ले सकते हैं।
बनाने की विधि:
तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सौंठ और मुलेठी को पानी में उबालकर पिएं।
2. सौंठ (सूखी अदरक) और गुड़
सर्दी-खांसी में सौंठ और गुड़ शरीर को गर्म रखते हैं।
बनाने की विधि:
1 चम्मच सौंठ पाउडर में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर सुबह-शाम खाएं।
3. तुलसी-अदरक-शहद काढ़ा
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा के अनुसार तुलसी, अदरक और शहद सर्दी-जुकाम के लिए सबसे प्रभावी संयोजन है।
बनाने का तरीका:
- 5 तुलसी की पत्तियाँ
- 1 इंच अदरक का टुकड़ा
- 1 कप पानी में उबालें
जब आधा रह जाए, तो इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएँ। दिन में 2 बार पीएं, तुरंत राहत मिलेगी।

4. हल्दी वाला दूध
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा के अनुसार हल्दी में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं।
इसे कैसे लें:
1 गिलास गुनगुने दूध में ½ चम्मच हल्दी मिलाकर सोने से पहले पीएं।
5. अजवाइन की भाप या चाय
अजवाइन शरीर को गर्म रखती है और नाक बंद होने से राहत देती है।
इसे कैसे लें :
एक कप पानी में 1 चम्मच अजवाइन उबालकर उसकी भाप लें या चाय बनाकर पिएं।
6. त्रिकटु चूर्ण
यह तीन आयुर्वेदिक सामानों के — पिपली, काली मिर्च, और सौंठ — मिलाने से बनता है।
इसे कैसे लें:
½ चम्मच त्रिकटु चूर्ण शहद के साथ दिन में 2 बार लें।
7. गिलोय (Guduchi) रस या गोली
गिलोय को इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है। यह शरीर को शक्ति प्रदान करती है।
इसे कैसे लें:
10 ml गिलोय के रस को ½ कप पानी में मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट लें।
8. च्यवनप्राश(Chyavanprash)
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा के अनुसार यह एक क्लासिक आयुर्वेदिक टॉनिक है जो रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है। और सर्दी-जुकाम से राहत दिलाती है।
इसे कैसे लें:
1-2 चम्मच रोज सुबह खाली पेट लें। सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए बेहद असरदार।
9. मुलेठी (Licorice)
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा के अनुसार मुलेठी गले की खराश और खांसी दोनों में फायदेमंद है।
इसे कैसे लें:
½ चम्मच मुलेठी पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर दिन में दो बार पिएं।

10. स्टीम (भाप) लेना
- भाप लेने से नाक खुलती है और जुकाम कम होता है।
- भाप में कुछ बूंदें यूकेलिप्टस तेल या कपूर डालने से और भी लाभ मिलता है।
सर्दी-जुकाम से बचाव के आयुर्वेदिक उपाय
- रोज सुबह गर्म पानी पिएं।
- दही, आइसक्रीम, या ठंडी चीजें कम खाएं।
- हल्का, सुपाच्य भोजन खाएं।
- योग और प्राणायाम करें — विशेषकर अनुलोम-विलोम और कपालभाति।
- नाक में 2-2 बूंदें अनु तेल (Ayurvedic Nasal Drops) डालें।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें।
- मौसमी फल-सब्जियाँ, खासकर नींबू, अमरूद, और आंवला खाएं।
सर्दी-जुकाम के लिए आहार (Diet Tips)
| क्या खाएं | क्या न खाएं |
|---|---|
| गर्म सूप, हल्दी दूध, अदरक चाय | ठंडी चीजें, बर्फ, कोल्ड-ड्रिंक |
| आंवला, नींबू, शहद | दही, खटाई, फ्रिज का पानी |
| स्टीम-भाप युक्त सब्जियाँ | तली-भुनी और भारी चीजें |
| गुनगुना पानी | ठंडा पानी या जूस |
सावधानियाँ :
- अगर सर्दी-जुकाम 5 दिन से ज़्यादा रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।
- बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को घरेलू नुस्खे अपनाने से पहले चिकित्सक की राय लेना ज़रूरी है।
- बाजार में उपलब्ध आयुर्वेदिक सिरप या काढ़ा लेते समय ब्रांड और मात्रा पर ध्यान दें।
निष्कर्ष :
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा को अगर शुरुआत में ही आयुर्वेदिक तरीके से लिया जाए, तो यह जल्दी ठीक होता है और बार-बार नहीं लौटता।
सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा में तुलसी, अदरक, हल्दी, गिलोय और मुलेठी जैसी जड़ी-बूटियाँ प्राकृतिक तरीके से इम्यूनिटी को बढ़ाती हैं और शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।
इसलिए, अगली बार जब सर्दी-जुकाम हो, तो तुरंत एलोपैथिक दवा लेने के बजाय सर्दी-जुकाम की आयुर्वेदिक दवा के नुस्खों को आजमाएं — यह सुरक्षित, सस्ता और प्रभावी इलाज है।
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